सागर.योग शिक्षा विभाग तथा योग ध्यान केन्द्र डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के द्वारा समाज के लिए निःशुल्क योग आधारित उपचारों और परामर्शों के माध्यम से स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जो यह योग चिकित्सा क्लिनिक स्थापित किया गया है वह आने वाले समय में बहुत व्यापक स्वरूप में आम जनमानस के जीवन को खुशहाल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उक्त उद्गार विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता ने योग चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। प्रो.गुप्ता ने आगे कहा कि आज योग के प्रभावों को विश्व ने स्वीकार कर लिया है ऐसे में हमारा दायित्व और ज्यादा बढ जाता है, इसलिए हम प्रयास कर रहे हैं कि अल्प कालिक प्रमाणपत्र तथा आनलाईन पाठ्यक्रम जनसाधारण हेतु प्रारंभ किए जाय। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय के प्रशासन विभाग के सहयोग से बी के डॉ.रीना दीदी ने मन प्रबंधन से उत्कृष्ट प्रशासन पर एक प्रायोगिक कार्यशाला सत्र का संचालन किया.डॉ. रीना दीदी ने एकाग्रता के लिए चित्रकार और खिलाडी का उदाहरण देते हुए मन की स्थिरता की आवश्यकता और महत्व को रेखांकित किया.स्वागत भाषण देते हुए शिक्षा अध्ययन शाला के अधिष्ठाता प्रो.अनिल कुमार जैन ने नैतिक चारित्रिक और शैक्षिक प्रगति में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला.विभागाध्यक्ष प्रो.भवतोष इंद्र गुरू ने कहा कि यह निःशुल्क चिकित्सा केन्द्र सप्ताह में दो दिन सोमवार एवं मंगलवार को दोपहर में संचालित होगा तथा इसके संदर्भ में प्रायोगिक सत्र सोमवार से शुक्रवार प्रातः 6:30 से 8:00 बजे तक होगा.
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