शांति सहयोग एवं समन्वय की भारतीय दृष्टि से ही वसुधैव कुटुम्बकम की संकल्पना साकार होगी

सागर.डॉ.हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय,सागर और ग्लोबल पीस फाउंडेशन इंडिया के बीच विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गये.इस साझेदारी का उद्देश्य विज्ञान,प्रौद्योगिकी,शांति निर्माण और नेतृत्व विकास जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है.समझौते पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता और जीपीएफ इंडिया के चेयरपर्सन डॉ.मार्कंडेय राय ने हस्ताक्षर किए.इसके साथ ही ‘शांति और नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का शुभारंभ भी किया गया,जो 15 और 16 जनवरी 2025 तक आयोजित हुआ.इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को शांति निर्माण और नेतृत्व कौशल में प्रशिक्षित करना है.
कार्यक्रम के दौरान डॉ.मार्कंडेय राय जीपीएफ इंडिया, चेयरपर्सन ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए शांति निर्माण के महत्व पर चर्चा की.उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को दिशा प्रदान की है. मानवीय संकट के समय विश्व हमेशा भारत की तरफ देखता है. भारत की युवा आबादी क्षमता से परिपूर्ण है और उसे आगे बढकर नेतृत्वकारी भूमिका में होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है और भारतीय दार्शनिकों,विचारकों और चिंतकों ने हमेशा पूरे विश्व में शान्ति का ही सन्देश दिया.उन्होंने कहा कि शांति, सहयोग एवं समन्वय की भारतीय दृष्टि से ही वसुधैव कुटुम्बकम की संकल्पना साकार होगी.

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