शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा उल्लास'नव साक्षरता अभियान के अंतर्गत जागरूकता-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

सागर, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा  शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद,नई दिल्ली द्वारा निर्देशित विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए स्वयंसेवक (वालंटियर) के रूप में  जन भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ (ULLAS) एप पर नामांकन एवं क्रियान्वयन हेतु एक जागरूकता-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 05 दिसम्बर,2024 को समय 03 बजे से किया गया.जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में प्रौढ़ साक्षरता को बढ़ावा देने और प्रौढ़शिक्षा के महत्व पर जन जागरूकता करना था.कार्यक्रम की शुरुआत प्रशांत तिवारी, जिला समन्वयक,प्रौढ़ शिक्षा विभाग, सागर ने उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता करने हेतु अधिक से अधिक उल्लास एप पर पंजीकरण करने का आह्वान किया.इसी क्रम में खंड समन्वयक श्रीमती प्रतिभा तिवारी ने कहा कि नव साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है,बल्कि यह व्यक्तियों को जीवन कौशल सिखाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाशास्त्र विभाग विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ  ग्रामीण समुदायों और समाज के वंचित वर्गों के लिए साक्षरता के महत्व को रेखांकित किया. साथ ही प्रतिभागियों को बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणित के कौशल सिखाने के लिए विशेष कार्यशालाएँ आयोजित करने का आश्वासन भी दिया.कार्यक्रम में अरविन्द कुमार सोनी, प्रौढ़ शिक्षा विभाग ने उल्लास एप के बारे में चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से इस पर पंजीकरण एवं उसके माध्यम से क्रियाकलाप को साझा किया| इस अवसर पर डॉ.रानी दुबे, डॉ.अनूपी समैया,डॉ.रजनीश अग्रहरि डॉ.नवीन सिंह,डॉ.शिवशंकर, डॉ.अखंड शर्मा,डॉ.रमाकांत डॉ.प्रवीण टीडी,योगेश सिंह  सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे | कार्यक्रम का संचालन डॉ.सावन कुमारी एवं आभार डॉ.पुष्पिता राजावत ने किया.

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