कांधे वाली काली को विदाई देने उमड़ा शहर चल माई चल माई के जयकारों से गूंजा तीनबत्ती

सागर। विजयादशमी के मौके पर शहर में पंडालों में विराजमान मां भगवती की प्रतिमाओं का ढोल-नगाड़ों के बीच विसर्जन किया गया अलग-अलग स्थानों से दुर्गा विसर्जन चल समारोह निकाले गए तीनबत्ती से राधा टॉकीज तक का इलाका श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा सबसे आकर्षण का केंद्र रही शहर की प्रसिद्ध और प्राचीन पुरव्याऊ की कांधे वाली काली माता पुरव्याऊ से भक्त माता की प्रतिमा को कंधों पर लेकर विसर्जन के लिए निकले सबसे आगे मशाल चल रही थी सैकड़ों युवा सड़क पर दौड़ते हुए आगे बढ़ रहे थे उनके पीछे भक्तों के कंधों पर सवार माता की प्रतिमा थी पूरे रास्ते 'चल माई, चल माई' के जयघोष गूंजते रहे श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा हुई जब माता का चल समारोह तीनबत्ती तिराहे पर पहुंचा तो जलती मशाल और दौड़ते युवाओं को देखकर चारों ओर जयकारे गूंजने लगे प्रतिमा के पहुंचते ही पुष्पवर्षा और जमकर आतिशबाजी की गई कटरा बाजार मार्ग पर स्वागत के लिए टेंट लगाए गए थे जहां डीजे की धुन पर युवा झूमते नजर आए जनप्रतिनिधि भी देर रात तक मौजूद रहे माता को विदाई दी देर रात तक चले समारोह के बाद चकराघाट पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

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