राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस स्वच्छता ही सेवा विकसित भारत एवं युवाओं की भूमिका विषय पर प्रबोधन

सागर।डॉ.हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के सावित्रीबाई फुले भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा-भावना सामाजिक उत्तरदायित्व नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को सुदृढ़ करना रहा 17 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक मनाये जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान की कड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने स्वच्छता ही सेवा विकसित भारत एवं युवाओं की भूमिका विषय पर प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किये 
कार्यक्रम में समाजसेविका डॉ. वंदना गुप्ता एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. विवेक साठे  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे डॉ. वंदना गुप्ता ने अपने संबोधन में स्वच्छता ही सेव समाज सुधार राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व तथा युवाओं की रचनात्मक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि युवा समाज एवं राष्ट्र के भविष्य के महत्वपूर्ण आधार हैं उन्होंने स्वयंसेवकों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का धैर्य साहस एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों युवाओं को निरंतर प्रयास करते हुए आगे बढ़ना चाहिए और असफलताओं से सीख लेकर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए निदेशक प्रो. विवेक साठे  ने स्वच्छता ही सेवा विकसित भारत एवं युवाओं की भूमिका विषय पर अपने संबोधन में युवाओं को निरंतर प्रगति, अनुशासन एवं सेवा-भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थी समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए सेवा कार्यों से जुड़ सकते हैं और अपने व्यक्तित्व में नेतृत्व सहयोग तथा सामाजिक संवेदनशीलता जैसे गुणों का विकास कर सकते हैं उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रत्येक परिस्थिति में एक-दूसरे का सहयोग करने तथा समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. संजय शर्मा ने सभी स्वयंसेवकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने और उनमें उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है उन्होंने नवागत स्वयंसेवकों का स्वागत करते हुए उन्हें  स्वच्छता ही सेवा अभियान की  विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया साथ ही उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से सामूहिक सहभागिता के माध्यम से सेवा गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने स्वच्छता ही सेवा , विकसित भारत एवं युवाओं की भूमिका विषय पर आधारित विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक एवं अभिव्यक्तिपरक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया इनमें हिंदी एवं अंग्रेजी में वक्तव्य, काव्य-पाठ, प्रश्नोत्तरी, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तथा परिचर्चा सत्र प्रमुख रहे विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा, ज्ञान, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति-कौशल का प्रदर्शन किया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर सेवा, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को आत्मसात करने का अवसर बना कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों ने समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा भविष्य में भी सेवा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता बनाए रखने का संकल्प लिया कार्यक्रम का सञ्चालन दल प्रमुख श्रेया श्रीवासतव एवं आभार ओजस्वी ने माना।

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