विश्वविद्यालय स्वच्छता सेवा संकल्प के तहत 65 स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण

सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्वच्छता सेवा संकल्प एवं विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्र में विश्वविद्यालय के स्वच्छता कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया शिविर में 65 स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा सभी ने निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया शिविर के संयोजक डॉ. भूपेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कर्मचारियों की रक्तचाप रक्त शर्करा लिपिड प्रोफाइल डेंगू एवं मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं परीक्षण के दौरान 13 कर्मचारियों में उच्च रक्तचाप 16 कर्मचारियों में मधुमेह तथा 12 कर्मचारियों में हृदय संबंधी असामान्यताएं पाई गईं संबंधित कर्मचारियों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार कराने की सलाह दी गई विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर शिविर में रेबीज से बचाव के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं टीकाकरण भी किया गया स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अभिषेक कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता कर्मी अपने कार्य के दौरान कुत्तों एवं अन्य पशुओं के संपर्क में आते हैं इसलिए उन्हें रेबीज से बचाव के उपायों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है
उन्होंने बताया कि रेबीज एक गंभीर किंतु समय पर उचित उपचार से रोकी जा सकने वाली बीमारी है कुत्ते या किसी संदिग्ध पशु के काटने अथवा खरोंचने पर सबसे पहले घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए घाव पर मिर्च,चूना मिट्टी, तेल या कोई अन्य घरेलू पदार्थ नहीं लगाना चाहिए घाव की सफाई के बाद तत्काल चिकित्सकीय केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए डॉ.जैन ने बताया कि पशु के काटने या खरोंचने की स्थिति में रेबीजरोधी टीकाकरण में देरी नहीं करनी चाहिए संपर्क की प्रकृति के अनुसार चिकित्सक यह तय करते हैं कि टीके की आवश्यकता है अथवा साथ में रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की भी जरूरत है उन्होंने कर्मचारियों को रेबीज टीकाकरण के निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पहले से टीकाकरण न हुए व्यक्ति में अंतःत्वचीय पद्धति से सामान्यतः दिन 0, 3 और 7 पर टीका दिया जाता है जबकि अंतःपेशीय पद्धति में चिकित्सकीय निर्देश के अनुसार दिन 0, 3, 7 तथा 14-28 के बीच टीकाकरण किया जा सकता है
डॉ. जैन ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन तथा आवश्यकता होने पर रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है किसी पशु के काटने की स्थिति में आर्थिक कारणों से उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए और तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना चाहिए
डॉ. अभिषेक कुमार जैन ने शिविर में हृदय रोगों की आधुनिक रक्त जांच एंटी-प्रोबीएनपी के संबंध में भी कर्मचारियों को जानकारी दी महिला स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान डॉ. किरण माहेश्वरी ने महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी शिविर के सफल आयोजन में अरुण सरोटिया जय प्रकाश, अभिषेक रैकवार, प्रमोद पटेल एवं पूजा कुर्मी सहित अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा सभी ने कर्मचारियों के समन्वय, स्वास्थ्य परीक्षण एवं शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाई स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान एवं कल्याण को केंद्र में रखकर आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य परीक्षण, रोगों की प्रारंभिक पहचान, निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श रेबीज जागरूकता, टीकाकरण, हृदय स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य एवं मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता पौष्टिक आहार एवं सम्मान इन सभी पहलुओं को एक साथ जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल रही।

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