जब 8वीं की नन्हीं बेटी शिखा की आंखों में दिखे क्रिकेट के सपने तो संबल बनकर आगे आईं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल

सागर।सपनों की उड़ान किसी की आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती बस जरूरत होती है तो सही समय पर सही मार्गदर्शन और एक छोटे से संबल की इस बात को सागर कलेक्ट्रेट में चरितार्थ होते देखा गया जब एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की नन्हीं खिलाड़ी बच्ची का वर्षों पुराना सपना प्रशासनिक संवेदनशीलता के बल पर साकार हो उठा सागर शहर के मोती नगर वार्ड की रहने वाली और कन्या शाला स्कूल सुभाष नगर में कक्षा 8वीं की छात्रा कुमारी शिखा शिल्पी के दिल में क्रिकेट के प्रति अटूट जुनून है मैदान पर चौके-छक्के लगाने का हुनर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तरह देश का नाम रोशन करने की ललक उसके पास सब कुछ थी शिखा के पिता प्रेम शिल्पी मजदूरी का काम करते हैं जिससे बमुश्किल परिवार का पालन-पोषण हो पाता है ऐसे में क्रिकेट का महंगा सामान (क्रिकेट किट) खरीद पाना परिवार के लिए एक ऐसा सपना था जो पूरा होता नहीं दिख रहा था लेकिन शिखा ने हार नहीं मानी उसने अपने खेल के प्रति लगन और हिम्मत को समेटकर एक आवेदन पत्र तैयार किया और सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची जब शिखा का यह पत्र कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के हाथों में पहुंचा तो उन्होंने उसमें एक सामान्य आवेदन नहीं बल्कि एक नन्हीं बेटी के खेल के प्रति बुलंद सपनों को देखा पत्र पढ़ते ही कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बिना एक पल का समय गंवाए इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव को तुरंत निर्देश जारी किए- "रेडक्रॉस के माध्यम से बच्ची के लिए तत्काल नई क्रिकेट किट क्रय कर प्रदान की जाए आदेश जारी होते ही पूरी प्रक्रिया पूरी की गई और जब कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्वयं अपने हाथों से नन्हीं शिखा को क्रिकेट किट सौंपी तो बालिका की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास की चमक देखने को मिली कलेक्टर ने शिखा के सिर पर हाथ रखकर उसका हौसला बढ़ाया और कहा मन लगाकर पढ़ाई करो और मैदान पर जी भरकर खेलो क्रिकेट किट प्राप्त करने के बाद शिखा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उसकी खुशियों का ठिकाना नहीं है अब वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने पसंदीदा खेल क्रिकेट का अभ्यास पूरी लगन से कर सकेगी शिखा और उसके परिवार ने इस आत्मीय और त्वरित सहयोग के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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