महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमापूर्ण समापन

सागर। पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) परियोजना के सॉफ्ट कंपोनेंट के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "एकात्म मानव दर्शन: विकसित भारत 2047" का गुरुवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में समापन हुआ संगोष्ठी के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सागर की लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े उपस्थित रहीं जबकि अध्यक्षता उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने की इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी मंचस्थ रहीं
समापन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि एकात्म मानव दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं बल्कि मानव जीवन का समग्र दर्शन है उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब विकास का केंद्र केवल आर्थिक उन्नति न होकर मनुष्य का समग्र विकास मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का संतुलन होगा इस दौरान उन्होंने पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान यानी 'अंत्योदय' को इस दर्शन की मूल आत्मा बताया अकादमिक सत्र की सराहना करते हुए सांसद डॉ. वानखेड़े ने प्राचार्य एवं विद्यार्थियों की मांग पर सांसद निधि से महाविद्यालय के आदि गुरु शंकराचार्य सभागार के लिए एयर कंडीशनर (ए.सी.) एवं इनवर्टर उपलब्ध कराने की बड़ी घोषणा की ​सत्र की अध्यक्षता कर रहे उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शासन द्वारा आयोजित ऐसी संगोष्ठियों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब इनसे प्राप्त निष्कर्ष शोध प्रकाशन या पुस्तक के रूप में समाज और नई पीढ़ी तक पहुँचें कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि के रूप में ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी भी मंच पर उपस्थित रहीं इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के अनुसार अज्ञानता और अभाव से मुक्ति ही ज्ञान की वास्तविक सार्थकता है और शिक्षा का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना होना चाहिए उन्होंने सभागार को वातानुकूलित करने की मांग सांसद जी के समक्ष रखी, जिसे तुरंत स्वीकृति मिली इसके बाद संगोष्ठी की संयोजक डॉ. संगीता मुखर्जी ने दो दिवसीय सफल आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि दोनों दिनों में विषय विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, सामाजिक समरसता और सतत विकास जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से मंथन किया है संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसमें जिला भाजपा महामंत्री सुमित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे इस भव्य समापन सत्र का प्रभावी संचालन संगोष्ठी के सहसंयोजक डॉ. संदीप सबलोक ने किया तथा अंत में वरिष्ठ प्राध्यापक व संगोष्ठी की समन्वयक डॉ. प्रतिभा जैन ने सभी अतिथियों,शोधार्थियों एवं आयोजन समिति के प्रति गरिमामयी आभार व्यक्त किया समापन सत्र से ठीक पहले आयोजित हुए दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए 28 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए जिन्हें समापन के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए इस सत्र की मुख्य वक्ता दमोह महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. इंदिरा जैन ने अंत्योदय की भावना को सरकारी नीतियों के केंद्र में रखने पर बल दिया विशिष्ट वक्ता इंक मीडिया संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक मीडिया और संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग से इस दर्शन के सिद्धांतों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाया जा सकता है सत्र की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपमा कौशिक ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और मानसिक तनाव का समाधान प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने वाले इसी एकात्म मानव दर्शन में निहित है ​इस तकनीकी सत्र में डॉ. प्रज्ञा दुबे, प्रदीप सोनी, अंकेश कुमार, अश्वनी तिवारी, विवेक श्रीवास्तव, अनुभूति तिवारी, उन्नति मिश्रा, विनीत वर्मा, गिरिराज अहिरवार नेहा पटेल, नितेश पटेल, डॉली पांडे, गिरीश कुमार रैकवार और अमन लोधी आदि ने भी अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर विचार रखे संगोष्ठी में बड़ी संख्या में ऑफलाइन सहभागिता के साथ-साथ अनेक प्रतिभागी यूट्यूब लाइव के माध्यम से भी जुड़े रहे तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ.अभिलाषा जैन एवं डॉ.संदीप सबलोक ने किया ​इस दो दिवसीय गरिमापूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. गोपा जैन, डॉ.विनय शर्मा, डॉ. अमर कुमार जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. राणा कुंजर सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. नीलम सिंह डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत, विकास त्रिपाठी, अरविंद चतुर्वेदी, रेणु सोलंकी, आयुष बड़कुल, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, रितु त्रिपाठी, वशुंधरा गुप्ता, भानुप्रिया पटेल, शिखा चौबे और रश्मि दुबे समेत महाविद्यालय का संपूर्ण शैक्षणिक स्टाफ, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं गौरवमयी रूप से उपस्थित रहे।  

Post a Comment

0 Comments