सागर।जिले की देवरी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है प्रशासन की ओर से समय-समय पर नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं अब देवरी जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झुनकू ने भी बड़ा खुलासा करते हुए जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर अवैध कॉलोनियों पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है ग्राम पंचायत द्वारा 1 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ग्राम झुनकू एवं रजौला में पिछले कई वर्षों से कृषि भूमि को प्लॉटों में विभाजित कर बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं पंचायत का कहना है कि कॉलोनाइजरों ने पंचायत से न तो अनुमति ली और न ही किसी प्रकार की एनओसी प्राप्त की इसके बावजूद खुलेआम प्लॉट बेचकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नौरादेही अभयारण्य से विस्थापित लगभग 50 परिवार इन कॉलोनियों में निवास कर रहे हैं, लेकिन वहां सड़क बिजली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं इससे रहवासी रोजाना परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं अवैध कॉलोनियों का मामला इससे पहले भी जोर पकड़ चुका है पूर्व मंत्री हर्ष यादव लगातार इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं उन्होंने आरोप लगाया था कि राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध प्लॉटिंग का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है क्षेत्र में यह चर्चा है कि प्रशासन केवल नोटिस जारी करने तक ही सीमित है अवैध कॉलोनियों पर वास्तविक कार्रवाई न होने से कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि पंचायत स्वयं लिखित रूप से बिना अनुमति कॉलोनियों के निर्माण की पुष्टि कर रही है तो संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए हैं
प्रशासन के सामने बड़े सवाल बिना पंचायत अनुमति के कॉलोनियां कैसे विकसित हो गईं?कृषि भूमि पर प्लॉटिंग की अनुमति किसने दी?बिना मूलभूत सुविधाओं के लोगों को प्लॉट बेचने वालों पर कार्रवाई कब होगी? नोटिस जारी होने के बाद भी अवैध निर्माण क्यों नहीं रुके?
ग्राम पंचायत ने अपने पत्र की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत देवरी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), देवरी को भी भेजी है अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इस गंभीर मामले में केवल नोटिस जारी करता है या फिर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर एक स्पष्ट संदेश देता है।
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