सागर। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत संचालित ATCS, CCTV Surveillance एवं Solar Surveillance प्रोजेक्ट में भारी तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं आरोप है कि परियोजना को कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद आज तक पूर्ण रूप से चालू नहीं किया गया इसके बाद भी करोड़ों रुपये के बिल लगाए और पास किए जाते रहे जानकारी के अनुसार शहर में स्थापित 12 एटीसीएस एडवांस ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम जंक्शनों में से अधिकांश लंबे समय से बंद पड़े हैं या फ्लैश मोड पर संचालित हो रहे हैं केवल 2 से 3 जंक्शन ही आंशिक रूप से कार्यरत बताए जा रहे हैं विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लैश मोड को पूर्ण रूप से कार्यरत एटीसीएस नहीं माना जा सकता क्योंकि इस स्थिति में इंटेलिजेंट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम काम नहीं करता आरोप है कि कई जंक्शन महीनों तक बंद रहने के बावजूद संचालन व्यय नेटवर्क कनेक्टिविटी और संचार सेवाओं के नाम पर लाखों रुपये के बिल लगाए गए यहां तक कि जिन अवधियों में सिस्टम पूरी तरह बंद रहा उन दिनों का भी भुगतान दर्शाया गया निविदा शर्तों के अनुसार कैमरा 4 घंटे से अधिक बंद रहने पर प्रति कैमरा प्रतिदिन 200 रुपये तथा फाइबर या कनेक्टिविटी फेल होने पर 500 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी लागू होना चाहिए बावजूद इसके इतनी बड़ी तकनीकी विफलताओं पर प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगाए गए हैं सोलर सीसीटीवी प्रोजेक्ट को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं दावा किया गया था कि सिस्टम 24 घंटे बैकअप पर कार्य करेगा लेकिन कई स्थानों पर कैमरे आज भी बंद पाए जा रहे हैं आरोप है कि समय विस्तार मिलने के बाद भी तकनीकी सुधार नहीं किए गए फिर भी भुगतान जारी रहा सूत्रों का कहना है कि यदि परियोजना की शुरुआत से अब तक का तकनीकी और वित्तीय ऑडिट कराया जाए तो बड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं इसमें बंद पड़े एटीसीएस सिस्टम निष्क्रिय सीसीटीवी कैमरे गलत अपटाइम रिपोर्ट गलत कनेक्टिविटी बिलिंग और अपूर्ण कार्यों के भुगतान जैसे मामले उजागर हो सकते हैं यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी समाप्त होने के बाद भी बिना नवीनीकरण के भुगतान जारी रखे गए जो निविदा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है जनहित में पूरे प्रोजेक्ट का स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराने वास्तविक अपटाइम और बैकअप की फील्ड जांच कराने गलत भुगतान की रिकवरी करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित कंपनी पर कार्रवाई की मांग उठाई गई है स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है बल्कि शहर की सुरक्षा और सार्वजनिक धन से जुड़ा गंभीर विषय है।
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