सागर।डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम युक्त एसी एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ किए जाने के क्रम में स्वास्थ्य केंद्र को एक एम्बुलेंस प्राप्त हुई जो आपातकालीन एवं आकस्मिक स्वास्थ्य सुविधा विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी इस एम्बुलेंस की व्यवस्था का प्रस्ताव विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया गया था जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान करते हुए क्रियान्वित किया विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णयानुसार सागर शहर के भीतर आपातकालीन स्थिति में विश्वविद्यालय परिसर के मरीज को तत्काल अस्पताल तक पहुँचाने के लिए यह एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी वहीं सागर शहर के बाहर स्थित शासकीय अस्पतालों या CGHS इम्पैनल्ड अस्पतालों में मरीजों को ले जाने के लिए यह सुविधा न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विशेष रूप से विश्वविद्यालय के सेवकों एवं उनके परिवारजनों को आपातकालीन परिस्थितियों में शीघ्र चिकित्सा सहयोग मिल सके वर्तमान में यह एम्बुलेंस आपातकालीन परिवहन सुविधा के रूप में कार्य करेगी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि भविष्य में इसमें एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) सिस्टम से संबंधित सभी आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे उपकरण स्थापित होने के पश्चात यह एम्बुलेंस पूर्ण रूप से एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के रूप में कार्य करेगी, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुँचने तक आवश्यक जीवनरक्षक उपचार प्रदान किया जा सकेगा उपकरणों की स्थापना के बाद इस एम्बुलेंस के माध्यम से आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना या गंभीर बीमारी के दौरान मरीजों को सागर शहर के बाहर स्थित उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों हायर सेंटर शासकीय अस्पतालों अथवा CGHS इम्पैनल्ड अस्पतालों तक भी सुरक्षित रूप से ले जाया जा सकेगा इसके संचालन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शीघ्र ही आवश्यक नियम एवं दिशानिर्देश (Rules and Guidelines) तैयार किए जाएंगे
इसके अतिरिक्त इस एम्बुलेंस का उपयोग आपातकालीन चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन में भी किया जा सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
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