सागर।भारतवर्ष को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त करने वाले उज्जैनी के प्रतापी राजा सम्राट विक्रमादित्य की बेमिसाल ताकत उस विक्रम संवत की है जिसके आधार पर आज भी हमारे सभी तीज त्यौहार संस्कार व ज्योतिष गणनाएं होती है भारत का पंचांग शक संवत नहीं विक्रम संवत ही सर्वमान्य है यह विचार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए
स्थानीय रवींद्र भवन में आयोजित सृष्टि आरंभ दिवस, कोटि सूर्योपासना एवं नाट्य मंचन कार्यक्रम में मंत्री राजपूत ने कहा कि शुद्धध काल गणना अथवा कालक्रम को आधार बनाने की वजह यदि इतिहास की पुर्नवृत्तियों और उसकी राजनीतिक भावनात्मक पक्ष को समझो तो विक्रम संवत ही भारत का राष्ट्रीय पंचांग कहलाने का हकदार है उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपरा,शुभता और नवचेतना का प्रतीक गुड़ी पड़वा हमें नए संकल्प लेने और समृद्धि की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है गुड़ी पड़वा भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने वाला पर्व है जो एकता सद्भाव और समृद्धि का संदेश देता है उन्होंने कहा कि चैत्र प्रतिपदा का यह नवसंवत्सर प्रकृति में नवजीवन और हरितिमा का प्रतीक है तथा यह दो ऋतुओं के संधिकाल का महत्वपूर्ण समय होता है
मंत्री राजपूत ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि इसी दिन महान सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का प्रारंभ किया था उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की ध्वजा हर युग में हमारी पहचान रही है और आज सम्पूर्ण विश्व भारतीय परंपराओं के महत्व को स्वीकार कर रहा है उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के कालखंड में देवालयों का भव्य विकास हुआ और सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, दान और सुशासन की परंपरा स्थापित की वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसी सांस्कृतिक धारा को आगे बढ़ा रहे हैं मंत्री राजपूत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया गया है, जिसके लिए गुड़ी पड़वा से नामांकन आमंत्रित किए जा रहे हैं यह सम्मान भारतीय संस्कृति, दर्शन, परंपरा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को प्रदान किया जाएगा इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र पाठक, छुट्टन तिवारी अपर कलेक्टर अविनाश रावत एसडीएम अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, विनय दुबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी शिक्षक एवं संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे कार्यक्रम में रंग थिएटर सागर द्वारा बृजेश रिछारिया के निर्देशन में नाट्य मंचन भी किया गया कार्यक्रम के अंत में मंत्री राजपूत का सम्मान किया गया तथा उन्होंने कलाकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
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