सागर।डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटीग्रेटेड बायोलॉजिकल रिसर्च (ICIBR-2026) वर्तमान में जारी है जिसमें जैविक विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिक शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता भाग ले रहे हैं उद्घाटन सत्र के पश्चात सम्मेलन में प्रो. मेवा सिंह एवं प्रो.एस.पी. सिंह द्वारा प्लेनरी व्याख्यान दिए गए इसके साथ ही प्रो.एन.जी.प्रसाद,प्रो. माधव प्रभु तथा डॉ.जैस्मिन पुरुषोत्तमन सहित कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने कीनोट व्याख्यान प्रस्तुत किए सम्मेलन के दौरान शोधकर्ताओं ने ड्रोसोफिला में पीढ़ीगत प्रभाव तथा लेडी बीटल्स में कैनिबलिज़्म जैसे विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए जो वर्तमान जैविक अनुसंधान की गहराई एवं विविधता को दर्शाते हैं युवा शोधार्थियों और विद्यार्थियों के कार्यों को प्रदर्शित करने वाला पोस्टर सत्र भी आयोजित किया गया, जिससे शैक्षणिक सहभागिता और वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा मिला सम्मेलन के दूसरे दिन की अकादमिक कार्यवाही की शुरुआत प्रो.अप्पा राव पोडिले के प्लेनरी व्याख्यान से हुई जिसमें उन्होंने वन हेल्थ परिप्रेक्ष्य में सूक्ष्मजीवों की भूमिका, विशेष रूप से आंत माइक्रोफ्लोरा पर प्रकाश डाला इसके पश्चात प्रो. यू. के. सरकार ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मछलियों एवं जलीय जीवों के योगदान पर अपना व्याख्यान दिया इसके बाद आमंत्रित विशेषज्ञों द्वारा ज्ञानवर्धक कीनोट व्याख्यान प्रस्तुत किए गए सम्मेलन के अंतर्गत जलीय विज्ञान मत्स्य एवं मत्स्यिकी, न्यूरोसाइंस एवं एंडोक्रिनोलॉजी,पारिस्थितिकी टैक्सोनॉमी एवं सिस्टमैटिक्स जैसे विषयों पर समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए एमएमटीसी हॉल में आयोजित मौखिक सत्रों में कीट विज्ञान एवं कीट प्रबंधन,कोशिका एवं आणविक जीवविज्ञान बायोइन्फॉर्मेटिक्स नैनोटेक्नोलॉजी तथा जीवन विज्ञान में स्टार्ट-अप्स जैसे विविध विषयों पर चर्चा हुई यह सम्मेलन समकालीन जैविक अनुसंधान में अंतरविषयी संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान एवं सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में निरंतर कार्य कर रहा है।
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