सागर।डॉ.हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “Greening Higher Education: Strategies for Sustainable Universities” का सफल समापन हुआ संगोष्ठी की संयोजक डॉ. मेघा दास थीं
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देना विश्वविद्यालयों को सतत विकास की दिशा में अग्रसर करना तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों में हरित पहल की भावना को सशक्त बनाना था उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. सत्यकाम, कुलपति, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज रहे जबकि प्रो. रमेश गार्दास आईआईटी मद्रास अतिथि सम्मान के रूप में उपस्थित रहे प्रो. सत्यकाम ने अपने संबोधन में शिक्षा को पर्यावरणीय मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया प्रो. रमेश गारदास ने हरित अनुसंधान और सतत विश्वविद्यालयों की दिशा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.आर.पी. तिवारी, कुलपति, केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, बठिंडा ने उच्च शिक्षा में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. सरिका शर्मा, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली ने युवाओं में हरित नेतृत्व विकसित करने की दिशा में शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए दोनों सत्रों की अध्यक्षता डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने की उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सतत विकास केवल एक नीति नहीं, बल्कि जीवन का दृष्टिकोण है जिसे शिक्षा के माध्यम से समाज तक पहुँचाना आवश्यक है उन्होंने शिक्षा विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक प्रेरक कदम बताया डॉ.मेघा दास ने बताया कि संगोष्ठी में मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका और भारत के विद्वानों ने सामाजिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बिना किसी पारिश्रमिक के अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकरण से प्राप्त समस्त धनराशि तमिलनाडु के सी.एम.सी. वेल्लोर अस्पताल में गरीब कैंसर रोगियों के उपचार हेतु दान की जाएगी कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
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