सागर।दीपावली की पूर्व संध्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से बाजार भ्रमण करने के लिए निकले कटरा बाजार पहुंचकर शहर वासियों एवं स्थानीय दुकानदारों से सीधा संवाद किया लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपील की है कि दीपावली के पावन अवसर पर सभी लोग स्थानीय एवं स्वदेशी वस्तुओं को खरीदें जिससे हमारे स्थानीय दुकानदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और उनके घर भी खुशियों की दिवाली मनाई जा सके मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने निज निवास मातेश्वरी से गोपालगंज होते हुए परकोटा तीन बत्ती से कटरा बाजार पहुंचे उन्होंने दिवाली के महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’ अभियान को गति देने के लिए मंत्री राजपूत ने इस दिवाली पर स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया दीपावली महोत्सव में स्थानीय बाजारों में खरीदारी कर उन्होंने न केवल स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन दिया बल्कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसरों को भी बल दिया मंत्री राजपूत ने कटरा बाजार का भ्रमण कर स्थानीय हस्तशिल्प, गोबर के दिये, मिट्टी के दीये, स्वदेशी पटाखे, पूजा हवन सामग्री, हस्तनिर्मित वस्त्र और स्वदेशी खाद्य पदार्थों की खरीदारी की उन्होंने कहा स्वदेशी अपनाने से न केवल हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी,बल्कि लाखों कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा यह कदम स्थानीय उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है इस अभियान का लक्ष्य उपभोक्ताओं को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करना है, जिससे विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो इससे न केवल देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी स्वदेशी उत्पादों के बताये फायदे मंत्री राजपूत ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दिवाली स्थानीय दुकानों से खरीदारी करें, ताकि त्योहारों की रौनक के साथ-साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़े इस पहल से न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित होगी स्वदेशी अपनाकर हम एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं मंत्री राजपूत ने कहा कि स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं जिससे उनकी आय बढ़ती है और वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकते हैं स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण होता है, जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी रहती है स्थानीय उत्पादों में परिवहन की आवश्यकता कम होती है, जिससे ईंधन की बचत होती है और पर्यावरण प्रदूषण कम होता है स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ती है, क्योंकि उत्पादक अपने उत्पादों को अच्छी तरह से बनाने के लिए प्रेरित होते हैं देश आत्मनिर्भर बनता है, क्योंकि हमें आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।
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