विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफी प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन

सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के ललितकला एवं प्रदर्शनकारी कला विभाग ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफी प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन किया विभागीय दीर्घा एक दिन के लिए रोशनी रंग और लेंस की जादुई दुनिया में तब्दील हो गई कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने सभी को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी प्रदर्शनी का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो.डी.के.नेमा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया इस अवसर पर संकायध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष डॉ.बलवन्त सिंह भदौरिया डॉ.राकेश सोनी डॉ.सुप्रभा दास अल्ताफ मुलाणी,डॉ.नीरज उपाध्याय  आकाश मालवीय उपस्थित रहे प्रो.डी.के. नेमा ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा फोटोग्राफी केवल क्लिक करना नहीं यह प्रकाश और छाया की उस भाषा को समझना है जहाँ विज्ञान की तकनीक और कला की संवेदना बराबरी से तस्वीर को जन्म देती हैं विभागाध्यक्ष डॉ.बलवन्त सिंह भदौरिया ने कहा फोटोग्राफी फाइन आर्ट्स का रचनात्मक अंग है एक फोटोग्राफर यथार्थ को वैसा नहीं जैसा वह है बल्कि अपने दृष्टिकोण से लेंस के फ्रेम में नया अर्थ देकर रचता है डॉ.राकेश सोनी ने फोटोग्राफी को समाज का दर्पण बताते हुए कहा जैसे रंगमंच मंच पर समाज को जीवित करता है वैसे ही कैमरा समाज की नाटकीयता को जस का तस कैद कर दृश्य भाषा में हमारे सामने प्रस्तुत करता है डॉ. सुप्रभा दास ने फोटोग्राफी को अप्लाइड आर्ट से जोड़ते हुए कहा आज के समय में हर मोड़ पर रचनात्मक और व्यावसायिक फोटोग्राफी दोनों की ज़रूरत है कैमरा केवल भावनाओं को नहीं बल्कि बाज़ार की माँगों को भी फ्रेम में उतारता है  डॉ.नीरज उपाध्याय ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य देते हुए कहा कैमरे को कभी केवल नकल करने वाला यंत्र कहा गया था लेकिन 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में पिक्टोरियलिज़्म आंदोलन ने इसे कला की औपचारिक मान्यता दिलाई कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ.आकाश मालवीय ने फोटोग्राफी को परिभाषित करते हुए कहा फोटोग्राफी दरअसल प्रकाश की कविता है जहाँ कैमरे की आँख रोशनी को स्थायी चित्र में बदल देती है आयोजन के दौरान आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में विभाग के 32 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया प्रतियोगिता में वैभव कालभूत ने प्रथम सोनल सिंघई ने द्वितीय और पियूष तिवारी ने तृतीय स्थान हासिल किया आस्था जैन,जतिन,मोनालिसा,दिया, अंशिका,दीक्षा,दीपक,पलक,प्रदीप और अमित को सांत्वना पुरस्कार दिए गए इस अवसर पर डॉ.नीलम थापा डॉ.महेंद्र कुमार डॉ.अमितेश पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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