मालथौन। यह रक्षासूत्र धागा मात्र नहीं है यह विश्वास और संकल्प का प्रतीक है कि जब तक उनका यह भाई जीवित है बहिनों पर कभी संकट नहीं आने देगा यह नारी सशक्तिकरण का भी मजबूत आधार है यह बात पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने रक्षाबंधन पर्व पर उन्हें राखी बाधने आईं बहिनों को संबोधित करते हुए कही खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रक्षा बंधन हमारी प्राचीन संस्कृति से चला आ रहा पर्व है महाभारत काल में भगवान श्री कृष्ण की घायल अंगुलि को अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़ कर बांधने वाली द्रौपदी के सम्मान की रक्षा भगवान श्री कृष्ण ने तब की थी जब कौरव द्रौपदी का चीर हरण करना चाहते थे यह रक्षा सूत्र इसी अटूट भावना के संकल्प और विश्वास का धागा है जब भी कोई चुनौती आती है तो बहिनें अपने भाई की रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं युद्ध पर जा रहे भाई की सुरक्षा के लिए भी बहिनें राखी बांधती हैं पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि जब तक बहिनें भी बराबरी से आगे नहीं बढ़ेंगी तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने बहिनों को हर प्रकार से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं बनाई और सफलतापूर्वक लागू की हैं इस बार रक्षाबंधन पर 1500 रु लाडली बहिनों को मिले हैं, दीपावली से हर महीने 1500 रुपए हमारे मुख्यमंत्री डा मोहन यादव भेजेंगे पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आज बहिनें किसी से कम नहीं हैं, वे भी भाइयों की सुरक्षा कर रही हैं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कुछ दिन पहले ही पहलगाम हमले में मारे गए भाइयों का बदला पाकिस्तान को सबक सिखा कर लिया है उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज की वीरांगना रानी दुर्गावती और रानी कमलापति का उदाहरण हमारे सामने है अपने बेटे को युद्ध पर भेज कर पराजय का संकेत पाकर रानी कमलापति ने अपने संकल्प के अनुसार जलसमाधि लैकर प्राण न्यौछावर कर दिए लेकिन मुगल शत्रु उन्हें छू भी नहीं सके रानी अवंती बाई और रानी लक्ष्मीबाई, रानी अहिल्याबाई की वीरता और संकल्प को आज भी स्मरण किया जाता है पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह मां दुर्गा,माता पार्वती का देश है जिन्होंने राक्षसों का संहार किया हम अपने देश को भी भारत माता का स्थान देते हैं और कन्याओं को देवी रूप में पूजते हैं ऐसी मेरी सभी बहिनों का रक्षाबंधन की शुभकामनाओं के साथ अभिनंदन है।
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