विश्वविद्यालय का ई गवर्नेंस मॉडल देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानक है

सागर.केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का दो दिवसीय सम्मेलन केन्द्रीय विश्वविद्यालय गुजरात एवं यूजीसी के संयुक्त रूप से केवडिया गुजरात में 10 11 जुलाई 2025 को आयोजित हुआ. यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एनईपी 2020 के तहत शैक्षिक परिवर्तन में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की भूमिका तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित था डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इसमें सहभागिता की कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.धर्मेन्द्र प्रधान ने किया. इस अवसर पर यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रो.एम.जगदीश कुमार सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति,प्रतिनिधि एवं शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे दस महत्त्वपूर्ण सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन प्रणाली SAMARTH पर संवाद किया. पैनल में राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आनंद भालेराव एवं अन्य चार विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं प्रतिनिधि थे इसमें डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सिक्किम विश्वविद्यालय त्रिपुरा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केन्द्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान की संयुक्त प्रस्तुति हुई गौर तलब है कि विश्वविद्यालय अब ई-गर्वर्नेंस में भी देश में अग्रणी शैक्षणिक संस्थान बन गया है. विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लांच किये गए समर्थ पोर्टल के सभी मोड्यूल्स सक्रिय हैं जिनके माध्यम से सभी आवश्यक क्षेत्रों में ऑनलाइन माध्यम से कार्य संचालित हो रहे हैं.समर्थ ई-गवर्नेंस सिस्टम शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर DPI पहल है जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में एक कुशल और कम लागत में प्रभावी संसाधन नियोजन प्रणाली को लागू करना है यह एकीकृत प्रबंधन प्रणाली है जिससे उच्च शिक्षा की सभी इकाईयां एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर एक ही प्राविधि से कार्य करेंगी डॉ.हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय ने समर्थ ईआरपी मॉड्यूल को लागू करने का सौ फीसदी लक्ष्य हासिल किया है इसके कुशल क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय ने समर्थ कार्यान्वयन समिति की स्थापना की, प्रशिक्षण आयोजित किया और पुरानी मैनुअल प्रक्रियाओं को चरण बद्ध तरीके से बंद करते हुए डिजिटल प्रणाली का उपयोग शुरू किया. इसमें कुल 44 मोड्यूल हैं जैसे प्रवेश रिकॉर्ड, परीक्षा, वित्त, वित्त,आरटीआई, पेंशन,एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट,फ़ाइल प्रबंधन इत्यादि. विगत वर्षों से अब तक विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक शाखाओं में सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से प्रारम्भ किये गये और ई-गवर्नेंस की दिशा में प्रगति की है.एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा कुलपति को सम्मानित भी किया गया है।


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