शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना

सागर.डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर को राष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि मिली है विश्वविद्यालय अब ई-गर्वर्नेंस में भी देश में अग्रणी शैक्षणिक संस्थान बन गया है.विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लांच किये गए समर्थ पोर्टल के सभी मोड्यूल्स सक्रिय हैं जिनके माध्यम से सभी आवश्यक क्षेत्रों में ऑनलाइन माध्यम से कार्य संचालित हो रहे हैं समर्थ ई-गवर्नेंस सिस्टम शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पहल है जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में एक कुशल और कम लागत में प्रभावी संसाधन नियोजन प्रणाली को लागू करना है यह एकीकृत प्रबंधन प्रणाली है जिससे उच्च शिक्षा की सभी इकाईयां एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर एक ही प्राविधि से कार्य करेंगी.
 
डॉ.हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय ने समर्थ ईआरपी मॉड्यूल को लागू करने का सौ फीसदी लक्ष्य हासिल किया है इसके कुशल क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय ने समर्थ कार्यान्वयन समिति की स्थापना की प्रशिक्षण आयोजित किया और पुरानी मैनुअल प्रक्रियाओं को चरण बद्ध तरीके से बंद करते हुए डिजिटल प्रणाली का उपयोग शुरू किया. इसमें कुल 44 मोड्यूल हैं जैसे प्रवेश रिकॉर्ड,परीक्षा,वित्त, वित्त,आरटीआई, पेंशन,एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट,फ़ाइल प्रबंधन इत्यादि. गौरतलब है कि विगत वर्षों से अब तक विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक शाखाओं में सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से प्रारम्भ किये गये और ई-गवर्नेंस की दिशा में प्रगति की है. एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा कुलपति को सम्मानित भी किया गया है. 
  
 
 

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