प्रतिभागियों ने दीं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की कलात्मक प्रस्तुतियां

विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रतियोगिता आयोजित की गई. नृत्य की विभिन्न शैलियों के प्रदर्शन हेतु आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 12 से 15 मिनट के समय का आवंटित था. प्रतियोगिता में कथकली, भरतनाट्यम, मणिपुरी, कुचिपुड़ी शास्त्रीय नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया गया. प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, रिकॉर्डिंग उपकरणों का उपयोग पूर्ण रूप से वर्जित था। निर्णायक मंडल में कथक की प्रख्यात विशेषज्ञ एवं दिल्ली दूरदर्शन की पूर्व कलाकार श्रीमती शालिनी शर्मा, उमा महेश्वरा और जाने-माने कला समीक्षक रूपइंदर पवार थे. यह प्रतियोगिता भारतीय संस्कृति की विविधता और शास्त्रीय नृत्य के प्रति समर्पण का प्रतीक बनी। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। 

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