सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता ही सेवा एवं स्पेशल कैंपेन 6.0 अभियान के अंतर्गत एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया इस आयोजन के समन्वयक डॉ. चिंतन वर्मा, सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव के साथ विभाग के अन्यइ शिक्षक भी उपस्थित रहे नाटक के तीन दृश्यों में विद्यार्थियों ने समाज को गहरी सीख दी सफाई में लापरवाही से होने वाले खतरों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि गंदगी और दूषित पानी से हर साल लाखों मौतें होती हैं संदेश दिया गया कि कचरा नहीं बदलाव फैलाइए स्वच्छता को सेवा के रूप में अपनाइए मानसिक गंदगी जैसे अहंकार अपमान और बदले की भावना को समाज की असली बीमारी बताया गया विद्यार्थियों ने कहा कि मन की सफाई से ही समाज की सफाई संभव है भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता को दूर करने का आह्वान किया गया संदेश दिया गया कि स्वच्छ समाज केवल साफ सड़कों से नहीं बनता बल्कि स्वच्छ सोच समानता और सम्मान से बनता है विद्यार्थियों ने अपने एकालापों के माध्यम से स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी आवश्यक है इस नाटक ने दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर किया कि असली सेवा देश की सीमाओं पर ही नहीं बल्कि अपने आसपास स्वच्छता और समानता को बढ़ावा देकर भी की जा सकती है इस प्रकार शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान को जीवंत करते हुए समाज को स्वच्छ सोच और स्वस्थ जीवन का सशक्त संदेश दिया।
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