श्री कृष्णा पार्थेय पर व्याख्यान संपन्न भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुई चर्चा

सागर।मध्य प्रदेश शासन के आदेश पर शासकीय स्वशासी कन्या महाविद्यालय में शिक्षा,संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन विषय पर व्याख्यान माला संपन्न हुई यह व्याख्यान माला प्राचार्य डॉ आनंद तिवारी के निर्देशन में भारतीय ज्ञान परंपरा के तहत आयोजित की गई
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ आनंद तिवारी ने कहा कि श्री कृष्ण जी का जीवन हमें बताता है कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब ज्ञान,संस्कृति,श्रम कृषि, पशुधन और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित हो आज विकास को केवल आर्थिक आंकड़ों में देखा जाता है जबकि मानव के सर्वांगीण विकास के रूप में इसे समझना आवश्यक है उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का शत-प्रतिशत प्रयास कर रही है युवा उत्सव प्रभारी डॉ अंजना चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा ज्ञान को विवेक और संस्कार से जोड़ती है किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका मानव संसाधन होता है शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र, कर्तव्य बोध और राष्ट्रभक्ति का निर्माण भी है श्रीमद् भागवत गीता हमें कर्म, ज्ञान और कर्तव्य के समन्वय की प्रेरणा देती है संगीत विभागाध्यक्ष डॉ हरिओम सोनी ने भारतीय संस्कृति को हमारी पहचान बताते हुए कहा कि समाज की पहचान उसकी परंपरा लोक कला और मूल्यों से होती है नृत्य विभाग अध्यक्ष डॉ अपर्णा चाचोंदिया ने कहा कि संस्कृति तब जीवित रहती है जब वह हमारे व्यवहार में दिखे हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ राज कुमार अहिरवार ने कृषि की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, वहीं मंच संचालन कर रहे डॉ प्रेम कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि गौ संवर्धन को अब धार्मिक दृष्टि से आगे बढ़कर ग्रामीण आजीविका और सतत कृषि के घटक के रूप में देखना होगा।

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