सागर। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है इसके बावजूद कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं राजनीतिक असफलता का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने सागर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट कर दी है तीनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक में इस विषय पर अपनी बात रखी और आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग के किसी निर्णय या प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ जनता के सामने आना चाहिए उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर आपत्ति है तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में जाए वहां अपना पक्ष रखे लेकिन जनता के बीच भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर जिस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है उसमें यह भी समझना आवश्यक है कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था है यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना चाहता है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भर सकता है उन्होंने कहा कि कांग्रेस से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि जब वर्ष 2014 में केंद्र में उसकी सरकार थी और चुनाव आयोग भी वही संवैधानिक संस्था थी तब उसे चुनाव प्रक्रिया में कोई समस्या क्यों नहीं दिखाई देती थी जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और समय-समय पर अपने निर्णय दिए हैं लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक है
हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावों में जनता के अपेक्षित समर्थन से दूर होती गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए चुनाव आयोग या ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को यह देखना चाहिए कि जनता उससे दूरी क्यों बना रही है राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को भ्रम और आरोपों की राजनीति छोड़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास कायम रखना चाहिए चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसी संस्थाएं लोकतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिलाएं हैं इनकी गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।
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