सागर। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत आज पुलिस ऑफिसर मेस, सागर में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन मिथिलेश कुमार शुक्ला, पुलिस उप महानिरीक्षक सागर शशीन्द्र चौहान, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदोरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी सहित पुलिस मुख्यालय स्तर के समस्त राजपत्रित अधिकारी, रक्षित निरीक्षक, शहर के सभी थाना प्रभारी तथा 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे
कार्यक्रम का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी सुश्री क्रांति गोड एवं उनके भाई का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान करने के साथ हुआ पूरे आयोजन का वातावरण अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी रहा पुलिस अधिकारियों एवं उपस्थितजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुश्री क्रांति गोड का आत्मीय स्वागत किया अपने उद्बोधन में सुश्री क्रांति गोड ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और धैर्य का परिणाम होती है उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों का दृढ़ संकल्प के साथ सामना करते हुए निरंतर प्रयास करने से ही सफलता प्राप्त होती है इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि वे जिस क्षेत्र में एसडीओपी के रूप में पदस्थ रहे, वहीं क्रांति गोड का परिवार निवास करता था तथा उनके पिता के साथ कार्य करने का अवसर भी उन्हें मिला उन्होंने कहा कि किसी साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचना पूरे सागर जिले और प्रदेश के लिए गर्व की बात है उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए क्रांति गोड का जीवन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि इतनी बड़ी उपलब्धियाँ प्राप्त करने के बाद भी क्रांति गोड की सादगी, विनम्रता और शालीनता प्रेरणादायी है उन्हें देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वे विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी हैं, बल्कि ऐसा महसूस हुआ मानो वे अपने ही परिवार के बीच उपस्थित हों यही संस्कार और विनम्रता किसी व्यक्ति को वास्तव में महान बनाते हैं कार्यक्रम के दौरान सुश्री क्रांति गोड ने "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान का समर्थन करते हुए सभी से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करे और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करता रहे उन्होंने युवाओं से स्वयं को सकारात्मक कार्यों, खेल, शिक्षा एवं रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने का आह्वान किया साथ ही अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के सामने कभी ऐसा आचरण न करें, जिसे वे स्वयं अपने बच्चों में नहीं देखना चाहते उनका कहना था कि बच्चे सबसे अधिक अपने माता-पिता से सीखते हैं, इसलिए परिवार ही नशामुक्त समाज की सबसे मजबूत नींव है क्रांति गोड ने अपने क्रिकेट करियर के यादगार क्षणों को साझा करते हुए बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत उनके जीवन के सबसे गर्वपूर्ण पलों में से एक रही उन्होंने उस गौरवपूर्ण क्षण का भी उल्लेख किया जब लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित पवेलियन की गैलरी में पहली भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में उनका चित्र स्थापित किया गया उन्होंने कहा कि उस उपलब्धि ने उन्हें अपने परिवार, अपने शहर सागर और पूरे देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरवपूर्ण अवसर प्रदान किया कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं पुलिस कर्मचारियों ने सुश्री क्रांति गोड का अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं तथा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया यह आयोजन खेल, अनुशासन, संस्कार और नशामुक्त समाज के संदेश का एक प्रेरणादायी संगम बन गया।
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