सागर। गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई के पावन अवसर पर श्री बालाजी मंदिर परिसर में "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति महाअनुष्ठान" का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा इस अवसर पर माँ राजराजेश्वरी एवं माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी के श्रीचरणों में 1 करोड़ हरिद्रा हल्दी एवं कुमकुम अर्चन किया जाएगा आयोजन को लेकर श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री रविशंकर जी महाराज ने मीडिया से विस्तार से चर्चा करते हुए गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व, समाज युवाओं और पत्रकारिता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए महाराज श्री ने कहा कि पत्रकार जगत मानवता का चौथा स्तंभ है समाज को सही दिशा देने और सत्य को सामने लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है उन्होंने कहा कि सागर में डॉ. हरिसिंह गौर के सपनों को साकार करने का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है और यह शहर शिक्षा, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड संतों की तपोभूमि है यहां अनेक संतों, महात्माओं और ऋषियों ने तपस्या कर इस भूमि को पवित्र बनाया है इसी कारण उन्होंने इस वर्ष सागर में चतुर्मास करने का निर्णय लिया है महाराज श्री ने कहा कि पूर्णिमा अत्यंत शक्तिशाली और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण तिथि होती है विशेष रूप से गुरु पूर्णिमा पर की गई आराधना साधना और जप से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है उन्होंने बताया कि इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर विशेष ग्रह योग का संयोग भी बन रहा है जिससे यह तिथि साधना और देवी उपासना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जा रही है
महाराज श्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा भविष्य के सूरज हैं उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए यदि असफलता मिले तो निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी मर्यादाएं और सीमाएं होती हैं जिनका पालन करना आवश्यक है जीवन में यदि कोई समस्या आती है तो उसका समाधान भी अवश्य होता है धैर्य, संयम, प्रतीक्षा और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं अच्छी सलाह और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।
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