विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग में ऐतिहासिक संदर्भों पर केंद्रित व्याख्यान का आयोजन

सागर। डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के संचार एवं पत्रकारिता विभाग में 29 जनवरी को भारतीय पत्रकारिता के 246 वर्ष होने के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक संदर्भ पर विशेष व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में दो प्रतिष्ठित संचार विशेषज्ञों ने पत्रकारिता के इतिहास चुनौतियों और छात्रों की भूमिका पर गहन मार्गदर्शन दिया कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती और डॉ. गौर की प्रतिमा पर  माल्यार्पण और सरस्वती वंदना के साथ हुई कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अलीम अहमद खान एवं डॉ. विवेक जायसवाल ने मुख्य वक्ताओं आकाशवाणी दिल्ली के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय सिंह और आकाशवाणी सागर के कार्यक्रम अधिकारी दीपक निषाद का परिचय देते हुए पत्रकारिता और संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया डॉ विवेक जायसवाल ने भारतीय पत्रकारिता के ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि से लेकर आधुनिक पत्रकारिता और समकालीन चुनौतियों पर बात रखते हुए विषय का परिचय दिया डॉ.संजय सिंह ने मुख्य व्याख्यान में भारतीय पत्रकारिता के इतिहास पर गहन प्रकाश डाला उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत को चिन्हित करने वाले महत्वपूर्ण पत्रों जैसे बंगाल गजट हिक्की गजट और संवाद कौमुदी का उल्लेख किया उन्होंने बताया कि कैसे औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश सरकार ने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लागू कर भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर प्रतिबंध लगाया उन्होंने उस चुनौतीपूर्ण माहौल का वर्णन किया जब भारतीय पत्रकारों को अपनी बात कहने के लिए संघर्ष करना पड़ा उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया जिसमें महात्मा गांधी बाल गंगाधर तिलक और राजा राममोहन राय जैसे नेताओं के पत्रों का उल्लेख किया जिन्होंने जनता को एकजुट करने का कार्य किया व्याख्यान के अंत में डॉ.सिंह ने छात्रों के कई प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए, जिनमें भारतीय पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप और चुनौतियों से जुड़े प्रश्न प्रमुख थे।


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