सागर।डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस धूमधाम से उल्लासपूर्वक मनाया गया इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने ध्वजारोहण किया ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान हुआ और कुलपति ने सभा को संबोधित किया
उन्होंने राष्ट्रीय-पर्व गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि
गणतंत्र दिवस हमारे लिए अत्यधिक गौरव और प्रेरणा का प्रतीक है आज के ही दिन हमारे देश ने एक राष्ट्र के रूप में अपने महान संविधान को अंगीकार कर उन्नत भविष्य की आधारशिला रखी थी इसी संविधान ने हमें एक आजाद एवं सम्प्रभु राष्ट्र के सम्मानित नागरिक होने का अधिकार और गरिमा दी और भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी पंथनिरपेक्ष,लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में विश्व पटल पर प्रतिष्ठित हुआ मैं उन महान विभूतियों को नमन करता हूँ जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और जिन्होंने इस देश को एक लोकतांत्रिक गणतांत्रिक और समतामूलक राष्ट्र बनाने के लिए संविधान का निर्माण किया
उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य इस अर्थ में भी है कि हम एक ऐसे शैक्षणिक संस्थान के जुड़े हैं जिसके संस्थापक डॉ. सर हरीसिंह गौर स्वयं संविधान-सभा के सम्मानित सदस्य थे हमारा विश्वविद्यालय गौर साहब के शैक्षिक संकल्पों की जीवित अग्निशिखा है डॉ. गौर ने अपने जीवन में शिक्षा को एक सामाजिक सुधार के साधन के रूप में देखा उनका यह दृष्टिकोण आज भी हमारे लिए प्रेरणादायक है उन्होंने कहा कि पूरे देश में लागू हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 भारत को ज्ञान-आधारित महाशक्ति बनाने का संकल्प है यह नीति आलोचनात्मक सोच, कौशल विकास डिजिटल शिक्षा,भारतीय ज्ञान परंपरा को केंद्र में रखती है छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप इस राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं आपमें अपार ऊर्जा सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता है आप शिक्षा को केवल डिग्री नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण का माध्यम बनाएं उन्होंने विश्वविद्यालय में हो रहे अकादमिक नवाचारों और उपलब्धियों को साझा किया| उन्होंने विश्वविद्यालय में बढ़ते छात्रों की संख्या,अग्निवीरों को प्रदान की जाने वाली डिग्री सर्टिफिकेट कई नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन, सांस्कृतिक जागरूकता के तहत नाटकों का मंचन विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों,विश्वविद्यालय के शिक्षकों का विश्व के श्रेष्ठ 2% वैज्ञानिकों की सूची में स्थान,हिंदी पखवाड़ा,सतर्कता जागरूकता सप्ताह, राजभाषा यात्रा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान एवं कार्यशालाओं, विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों रक्तदान शिविर, ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धि, विभिन्न युवा उत्सवों की प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनेक संस्थानों से अकादमिक एवं शोध समझौता पत्रक पर हस्ताक्षर,भारत सरकार द्वारा लिए गए संकल्पों के प्रति कटिबद्धता को एक पेड़ माँ के नाम मेरा पहला वोट देश के लिए भ्रष्टाचार मुक्त भारत सत्यनिष्ठा शपथ नशा मुक्त भारत स्वच्छ भारत जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों साईकिल रैली यूट्यूब चैनल गौर प्लस आधुनिक संसाधन से युक्त विश्वस्तरीय नये भवनों, एकीकृत प्रयोगशाला, आधुनिक अवसंरचना के विकास के लिए 434 करोड़ रूपये की परियोजना जिनमें एक-एक हजार सीट के बालक और बालिका छात्रावस, प्रबंधन एवं वाणिज्य विभाग के नवीन भवन, अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, आईटी एवं ऑनलाइन सेंटर एवं आधुनिक सुविधा युक्त स्वास्थ्य केंद्र सहित कई नवीन भवनों का निर्माण,पुरातत्व संग्रहालय,वैली कैंपस में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण, विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता, प्लेसमेंट जैसी गतिविधियों एवं उपलब्धियों को साझा किया उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बड़े स्तर पर शैक्षिक नवाचार,प्रशासनिक दक्षता एवंअकादमिक दृढ़ता के साथ कार्य कर रहा है आज का दिन भारत के आत्मिक उजास का महापर्व है यह हमारे स्वतंत्र स्वप्नों के प्रतीक तिरंगे के ध्वजारोहण का दिन है यह अवसर हमें अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करने वर्तमान को और अधिक सुदृढ़ करने और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संकल्पित होने का संदेश देता है समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो.चंदा बेन,प्रो.दिवाकर राजपूत,प्रो.डी.के.नेमा,प्रो.अनिल जैन, प्रो. आशीष वर्मा,प्रो.कालीनाथ झा, प्रो. राजेंद्र यादव, प्रो. दिवाकर शुक्ला,प्रो. रणवीर कुमार, डॉ. पंकज तिवारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस.पी. उपाध्याय सहित सेवानिवृत्त शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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