मौत को मात देकर लौटा बुज़ुर्ग

सागर। कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके न कोय यह कहावत शहर की प्रसिद्ध लाखा बंजारा झील में मंगलवार रात उस समय सच साबित हुई जब एक 62 वर्षीय वृद्ध मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया कॉरिडोर से झील में गिरे वृद्ध ने पूरी रात पानी के बीच एक पिलर को पकड़कर गुजारी बुधवार सुबह सजग गार्डों की नजर पड़ते ही उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया पीड़ित की पहचान हर प्रसाद रैकवार 62 वर्ष निवासी सदर के रूप में हुई है हर प्रसाद ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11:30 बजे वह झील के कॉरिडोर पर खड़ा होकर दृश्य देख रहा था तभी अचानक पीछे से किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा रात का सन्नाटा होने के कारण उसकी चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी खुद को डूबने से बचाने के लिए उसने पास ही मौजूद एक पिलर को थाम लिया और कड़कड़ाती ठंड में रात भर उसी के सहारे खड़ा रहा बुधवार की सुबह करीब 6 बजे झील की देखरेख करने वाले गार्ड सुपरवाइजर विक्की रैकवार को घटना की भनक लगी उन्होंने बिना देरी किए अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला टीम ने तुरंत नाव का इंतजाम किया और पिलर के पास पहुंचकर वृद्ध को सुरक्षित नाव में बैठाया और शरीर अकड़ चुका था किनारे पर लाते ही गार्डों ने सबसे पहले अलाव जलाकर उन्हें गर्मी पहुंचाई समय रहते मिली इस मदद ने उनकी जान बचा ली फिलहाल वृद्ध की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।


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