सागर।स्मार्ट सिटी में सुरक्षा व्यवस्था का सच एक चोरी की घटना ने उजागर कर दिया है शहर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग पिछले 18 दिनों से बंद है इसका खुलासा हुआ जब पर्स चोरी की शिकार एक महिला फुटेज देखने कंट्रोल रूम पहुंची लेकिन वहां उसे निराशा हाथ लगी क्योंकि कैमरे तो चल रहे थे, मगर रिकॉर्ड कुछ भी नहीं हो रहा था मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र का है पीड़ित महिला अपनी मां के साथ खरीदारी कर मॉल से लौट रही थी रास्ते में ऑटो में एक संदिग्ध महिला अपने 10 साल की बच्ची के साथ बैठी थी पहले उसने पीली कोठी पर उतरने को कहा फिर पीटीसी ग्राउंड और अंत में झंडा चौक के देवी मंदिर के पास उतर गई इस बीच उसने सीट बदली और पीड़िता की मां के बिल्कुल पास आकर बैठ गई इसी दौरान महिला का पर्स गायब हो गया
जब चोरी का पता चला तो महिलाएं सीधे स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम पहुंचीं लेकिन वहां कर्मचारियों ने जो बताया उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी पता चला कि 18 दिनों से सर्वर खराब है और कैमरों की कोई भी रिकॉर्डिंग सेव नहीं हो रही यानी आधे महीने से शहर बिना डिजिटल सुरक्षा के चल रहा है और किसी को पता तक नहीं स्मार्ट सिटी कंट्रोल कमांड सेंटर के प्रभारी अनिल शर्मा ने स्वीकार किया कि सर्वर में तकनीकी दिक्कत है कैमरे चालू हैं लेकिन रिकॉर्डिंग ठप है मरम्मत का काम जारी होने की बात कही जा रही है।
लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जब रिकॉर्डिंग बंद थी तो प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। करोड़ों की लागत से बने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का मेंटेनेंस कौन देख रहा है। 15 दिनों तक शहर अपराधियों के लिए ‘नो रिकॉर्डिंग ज़ोन’ कैसे बन गया। सागर की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले ये कैमरे अगर रिकॉर्ड ही न करें, तो स्मार्ट सिटी सिर्फ नाम की स्मार्ट ही रह जाती है।
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