केंद्रीय विद्यालय क्र.4 के छात्र-छात्राओं ने गौर उत्सव सहवार्षिक उत्सव में दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

सागर. डॉक्टर हरीसिंह गौर की 155वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 4 द्वारा गौर उत्सव सह वार्षिक उत्सव का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं डॉ. गौर कि प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्जवलित कर कि गई. विद्यार्थियों द्वारा आसामी नृत्य, महाभारत नृत्य, खेल नृत्य, हरियाणवी नृत्य समेत प्रसिद्ध बुंदेली नृत्य जैसी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी. 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष कि तरह विश्वविद्यालय में गौर जयंती बड़े ही हर्ष और उल्लास से मनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में कैंटोनमेंट की सीईओ मनीषा जाट जी को बुलाने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों से विद्यार्थियो को प्रेरणा देना है. उन्होंने अपनी उम्र में कई ज्यादा उपलब्धियां हासिल की है. खासकर महिला छात्राओं के लिए वह एक प्रेरणा का रूप है. उन्होंने बताया कि इस स्कूल को एक कक्षा से शुरु कर आज हाई स्कूल का रूप दे दिया है. उन्होंने सभी छात्र छात्राओं को जो स्कूल का नाम रोशन कर रहे है उन्हें सम्मानित करने और प्रोत्साहन देने की बात कही. उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी केजी से पीजी तक की शिक्षा के साथ विश्वविद्यालय पीएचडी की शिक्षा तक दे रहा है. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ गौर ने शिक्षा के इस मंदिर को अपने तन मन धन से सिंचित कर इसको स्थापित किया. जहां आज देशभर के करीब 25 राज्यों के बच्चे यहां उच्च शिक्षा में अध्यननरत है. यह गौरव की बात है कि यहां स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कि पढ़ाई एक ही कैंपस में प्राप्त हो रही है. इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10 वीं के छात्र शुभ सक्सेना को उनकी विशेष उपलब्धि के लिये शील्ड देकर सम्मानित किया. गौरतलब है कि शुभ को विज्ञान मॉडल के लिये देशभर के 3 केंद्रीय विद्यालयों में से चयनित कर भारत सरकार ने उनको जापान यात्रा पर भेजा था.

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