सागर।पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयासों के तहत थाना नरयावली पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है वर्ष 2017 से गुमशुदा एक बालक को खोज निकालकर सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया जिससे परिवार में वर्षों बाद खुशी का माहौल बन गया दिनांक 16 जनवरी 2017 को फरियादी बाली आदिवासी पिता धरमू आदिवासी, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम ढौंगा, थाना नरयावली द्वारा थाना नरयावली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसका नाबालिग पुत्र पवन कुमार, उम्र लगभग 15 वर्ष, को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है रिपोर्ट पर थाना नरयावली में अपराध क्रमांक 16/2017 धारा 363 भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से बालक की तलाश के सतत प्रयास किए जाते रहे पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राहतगढ़ योगेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए दिनांक 28 जुलाई 2026 को लगभग 10 वर्ष से गुमशुदा बालक को दस्तयाब कर लिया आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण करने के उपरांत बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया वर्षों बाद अपने बेटे को सामने देखकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं तथा उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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